कुछ देर में, मेरे बेटे हसन आए और बोले, "अस्सलाम अलैकुम माँ।" मैंने कहा, "وعليكم السلام (वा अलैकुम अस्सलाम) मेरी आँखों की ठंडक, मेरे दिल के चैन।" हसन ने कहा, "माँ, मुझे बहुत प्यारी खुशबू आ रही है, जैसे मेरे नाना जान (पैगंबर) की खुशबू हो।" मैंने कहा, "हाँ, तुम्हारे नाना जान इस चोगे के नीचे आराम कर रहे हैं।" हसन ने पैगंबर से इजाज़त मांगी और चोगे में दाखिल हो गए। हुसैन (अ.स.) का आना:
हदीस-ए-किसा (Hadith al-Kisa) या 'चोगा की घटना' इस्लाम के इतिहास की सबसे पवित्र और प्रामाणिक घटनाओं में से एक है, जो अहले बैत (पैगंबर मुहम्मद के परिवार) के उच्च स्थान और उनकी पवित्रता को दर्शाती है Al-Islam.org hadees e kisa in hindi pdf
हदीस ए किसा का विवरण इस प्रकार है: कुछ देर में
इस पर अल्लाह ने जिब्रील (अ.) को भेजा और फरमाया: "ऐ जिब्रील, मेरे आसमान और ज़मीन के फरिश्तों से कहो कि वे इकट्ठा हों... क्योंकि मैंने पाँच महान लोगों को एक चादर के नीचे रखा है।" hadees e kisa in hindi pdf
"ऐ फातिमा, अस्सलामु अलैकि। क्या घर में कुछ खाने को है?" उन्होंने जवाब दिया, "यारसूलुल्लाह, हमें दो दिन से भूख है।"
तब अल्लाह ने पवित्र कुरान की सूरह अहज़ाब की आयत 33 (आयत-ए-ततहीर) नाज़िल की: