Ziyarat E Nahiya In Hindi Better Jun 2026

शिया समुदाय में यह प्रार्थना सिखाती है कि जुल्म के खिलाफ आवाज उठाना और बातिल के सामने झुकना नहीं, यही इमाम हुसैन (अ.स.) का पैगाम है।

इमाम महदी (अ.त.फ़.श.) इसमें कहते हैं, "यदि मैं उस समय उपस्थित नहीं था कि आपकी मदद करता, तो मैं सुबह और शाम आपके दुख में रोऊंगा और आँसुओं के बदले खून बहाऊंगा" । ziyarat e nahiya in hindi

इसमें इमाम हुसैन की इबादत, उनके सब्र और इस्लाम की रक्षा के लिए उनके समर्पण की प्रशंसा की गई है। इस ज़ियारत के महत्व

आइए, इस ज़ियारत के महत्व, उसके मरतबे और उसकी भावनाओं को समझते हैं। ziyarat e nahiya in hindi